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तेरा चाहा

Posted by babul on 8/22/2012 09:19:00 AM

खुदा से तुम्हें,
मांगा था मैंने।
वह दे न सका,
तुम्हें मुझको।
तन्हा रहूं,
यह चाहा था तुमने,
कर दिया तेरा चाहा,
तू अब मेरे पास नहीं।

  • रविकुमार बाबुल



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3 Comments


रचना सराहने के लिए धन्यवाद...


शब्दों की जीवंत भावनाएं... सुन्दर चित्रांकन.
बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी.बेह्तरीन अभिव्यक्ति!शुभकामनायें.
आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

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