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प्यार

Posted by babul on 3/15/2012 05:53:00 PM

तुम कहते हो,
तुम्हें मुझसे प्यार नहीं रहा।
तब इक बार,
क्यूं नहीं कह देते हो,
तुम, मुझसे,
‘मुझे तुमसे नफरत है’।
मैंनें तुम्हारे प्यार पर,
किया है विश्वास।
तुम्हारे नफरत पर भी,
 यकीन कर लूंगा।

  •  रविकुमार बाबुल

चित्र : साभार गूगल

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2 Comments


बहुत सही कहा है
बहुत सुन्दर बात ,रचना भी...


आदरणीय रीना जी , यथायोग्य अभिवादन। शुक्रिया... मेरे भावों के पक्ष में गवाही देने के लिए...।

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