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इंतजार

Posted by babul on 8/03/2011 10:24:00 PM

किश्तों में इंकार,
किया तुमने।
और किश्तों में किया हमने,
इकरार का इंतजार।

रविकुमार बाबुल


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4 Comments


सुन्दर संवेदनशील अभिव्यक्ति...


आदरणीय वन्दना जी,
वन्दना जी, टिप्पणी में शब्दों की कंजूसी और आसमान सा अहसास दिलाना कोई आपसे सीखे? शुक्रिया प्रतिक्रिया का।
रविकुमार बाबुल
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आदरणीय डॉ. शरद सिंह जी,
शब्दों की अभिव्यक्ति संवेदनशीलता का लिहाफ ओढ़ कर, कब सुन्दर बन गई पता ही नहीं चला था? यह बतलाने के लिये आपका शुक्रिया। आपका आना सदैव की तरह आज भी अच्छा लगा। शुक्रिया दस्तक देने के लिये।
रविकुमार बाबुल
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