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नफरत

Posted by babul on 6/26/2011 10:26:00 AM

जिस शिद्दत से,
मैंनें किया है,
उसको प्रेम।

उतनी ही शिद्दत,
मुझे देखने को मिली,
उसकी नफरत में।

साथ रह कर भी हम,
न बदल पाये एक दूसरे को?
न मैं नफरत कर पाया उससे,
न वो प्रेम कर पायी मुझसे।


  • रविकुमार सिंह



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2 Comments


kam shabdo me bhut kuch kah dene vali panktiya...


बहुत सुंदर और उत्तम भाव लिए हुए.... खूबसूरत रचना......
संजय कुमार
हरियाणा
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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